बस्ती जिले के नगर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित शक्ति सिंह हत्याकांड में दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
आरोपी भाजपा नेता राणा नागेश प्रताप सिंह अभी भी फरार हैं। पुलिस ने सभी हत्यारोपियों के खिलाफ 15-15 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया था। यह गिरफ्तारी नगर पुलिस के साथ मिलकर एस टी एफ टीम ने संयुक्त रूप से काम किया। पकड़े गए हत्यारोपियों के पास से एक मोटरसाइकिल वाहन बरामद हुआ है। बताया यह गया कि इस वाहन का उपयोग हत्या में किया गया था।
गिरफ्तार हत्यारोपी ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि अपहरण और हत्याकांड में एक सातवां व्यक्ति भी शामिल है।
घटना की जांच कर रही पुलिस कलवारी ने बताया कि जांच के दौरान नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं।
दुबौलिया के गौरा-सैफाबाद तट पर सरयू नदी किनारे गुरुवार को एक युवक का शव बोरे में मिला था। उसके सिर पर चोट के निशान थे। देर शाम शव की पहचान नगर थाने के रानीपुर निवासी शक्ति सिंह (32) पुत्र रमेश सिंह के रूप में हुई थी । नगर पुलिस ने गुरुवार को ही शक्ति के गुम्बदशुदागी का मामला दर्ज किया था। शव मिलने पर शक्ति सिंह के भाई विक्रम प्रताप सिंह ने नगर पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने भाजपा नेता राणा नागेश सिंह, रवि सिंह, शैलेश सिंह और मनोज शुक्ला और कुछ अन्य के खिलाफ अपहरण कर हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने सबसे पहले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।
शक्ति हत्याकांड के तीन हत्यारोपी और कुछ अन्य लोग गिरोह चला रहे थे। मुखबिर की सूचना पर दोनों को अयोध्या लेन से गुरुवार सुबह गिरफ़्तार कर लिया गया। पकड़े गए हत्यारोपियों में रवि प्रताप सिंह निवासी बेलाडी थाना नगर और शैलेश सिंह निवासी बस्ती हाल थाना गगहा जिला गोरखपुर को पकड़ लिया गया। शैलेष सिंह इस समय रानीपुर में राणा नागेश सिंह के मकान रानीपुर थाना नगर के मकान में रहते थे। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है। इन दोनों के निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल वाहन बरामद किये गये हैं। पुलिस ने इस वाहन को माल मुकदमाती के रूप में जब्त कर लिया है।
गिरफ़्तारी करने वाली टीम में
मुख्य देवेन्द्र सिंह, प्रभारी जनार्दन प्रसाद, प्रभारी स्वात उमाशंकर तिवारी, सहायक मृत्युंजय मिश्रा, मंजीत यादव, संतकुमार प्रजापति, वीरेन्द्र यादव शामिल रहे।
