बस्ती – फ्यूचर न्यूज़
एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार किसानों और श्रमिकों की हितैसी बनने की बात करती है ।
पर दूसरी तरफ हकीकत कुछ और ही है वर्ष 2018 से प्रबंधिकीय अनियमितता की वजह से गोविंद नगर सुगर मिल नहीं चल पा रही – सुगर मिल के 209 श्रमिकों का कोई पुछतहार नहीं ।
श्रमिकों नें कोई प्रयास नहीं छोड़ा शासन – प्रशासन सहित जनप्रतिनिधियों तक दरबार किया किसी नयन उनकी व्यथा नहीं सुनी । कई बार छिट पुट धरना प्रदर्शन भी किया फिर भी कोई हल नहीं निकला ।
थक हार कर श्रमिकों नें 10 मार्च 2025 को उप श्रम आयुक्त बस्ती के यहाँ अर्जी लगाई – तब के उप श्रम आयुक्त नें हल निकालने का आस्वासन दिया , कुछ दिनों बाद उनका स्थान्तरण हो गया । फिर माननीय रचना केशरवानी ने कार्य भार सम्भाला और कई बार दोनों तरफ की बात सुनने के बाद श्रमिकों के हिट में 12 फरवरी 2026 को ऐतिहासिकता फैसला सुनाया ।
अपने आदेश में उन्होंने गोविंद नगर सुगर मिल के प्रबंधिकीय टीम को 30 दिन के अन्दर उप श्रम आयुक्त के माध्यम से अब तक के पूर्ण भत्ता भुगतान करने को कहा ।
साथ ही साथ यह भी निर्देश दिया कि इस आदेश की अवहेलना पर न्यायिक कार्यवाही की जायेगी ।
