दिल्ली – 19 अक्टूबर :- फ्यूचर न्यूज़
छठ का त्योहार नजदीक है. दिल्ली में बड़ी संख्या में बिहार और पूर्वांचल के लोग रहते हैं, जो इस त्योहार को बहुत ही श्रद्धा और आस्था के साथ मनाते हैं.
लोगों में अभी से ही इस त्योहार को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. लेकिन, अगर इन लोगों की नजर यमुना के मौजूदा सूरतेहाल पर गई, तो निसंदेह इनका उत्साहित मन निरुत्साहित हो सकता है, क्योंकि यमुना नदी पूरी तरह केमिकल के झाग में तब्दील हो चुकी है. यमुना का सफेद झाग दूर-दूर तक दिखाई दे रहा है, जिसे देखते ही दिल्ली सरकार के उन दावों पर सवाल खड़े होते हैं, जो यह कहते नहीं थक रही थी कि यमुना को साफ करने की दिशा में हमने कई कदम उठाए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है “यमुना को प्रदूषित करने की दिशा में दिल्लीवासियों का 70 फीसद योगदान रहता है छठ आने वाला है. ऐसे में सवाल यही है कि लोग इस पर्व को कैसे मनाएंगे.”
दिल्ली में 31 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट है, जिसमें से 27 काम नहीं कर रहे हैं और जिन कंपनियों को इसका ठेका दिया गया है, उसमें व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है. केजरीवाल सरकार बिल्कुल भी गंभीर नहीं है. यमुना की सफाई के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है.अब तो भगवान ही मालिक हैं।
