पटना 22 सितम्बर :- फ्यूचर न्यूज
कायस्थ वाहिनी अन्तर्राष्ट्रीय के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अभिजीत सिन्हा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया दिया ।
भगवान चित्रगुप्त चतुर्भुज धारी हैं। भगवान की आरती के अनुसार कलम दवात कृपाड़ पत्रिका उनके चारो हाथो में मौजूद हैँ.।
आज अधिकांश जगहों पर दो भुजाओं वाले भगवान की पूजा की जाती हैँ जिनके हाथो में कलम दवात ही होता हैँ.।
समाज भी हमेशा कलम दवात पूजा की ही बात करता हैँ ना की तलवार पूजा की.।
सृष्टि पर कोई देवता ऐसे नहीं हैँ जिनको कोई ना कोई हथियार प्राप्त न हो , तो फिर भगवान चित्रगुप्त को कोई हथियार कैसे नहीं होता ।
कृपाड़ भगवान चित्रगुप्त का शस्त्र है ।
यहाँ यह कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगा कि सबसे बड़ा दोषी वाह है जिसने भगवान चित्रगुप्त को चार भुजा धारी से दो भुजाओं वाला बना कर उनके शस्त्र को ही गायब कर दिया.।
जब अधिकांश कायस्थ समाज को ही उनके शस्त्र का पता नहीं की वो चार भुजाओं वाले भगवान की जगह दो भुजाओं वाले भगवान की पूजा करेंगे तो भला कोई और कैसे जान पायेगा भगवान चित्रगुप्त के शस्त्र के बारे में. ।
