पिपरी (सोनभद्र) : उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड ने रिहंद बांध एवं जल विद्युत परियोजना से जुड़ी रिहंद आवासीय कॉलोनी को अपनी वैध एवं अधिग्रहित संपत्ति घोषित करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि इस क्षेत्र की संपूर्ण भूमि निगम के अधिकार क्षेत्र में आती है। निगम प्रशासन ने कहा है कि यहां किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, निर्माण या कब्जा पूर्णतः अवैध माना जाएगा और इसके लिए उत्तर प्रदेश सार्वजनिक भू-गृहदि (अपराधिकृत अध्यसिनी की बेदखली) अधिनियम-1972 के तहत कठोर कार्यवाही का प्रावधान है।
निगम द्वारा जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि वन विभाग, नगर पंचायत, सिंचाई विभाग या किसी अन्य विभाग द्वारा इस भूमि पर अपने-अपने स्तर से दावेदारी करना, सीमा निर्धारण कराना या विभागीय कार्रवाई चलाना कानूनन उचित नहीं है, क्योंकि पूरी जमीन विद्युत उत्पादन निगम की स्वामित्व संपत्ति है। अतः अन्य विभागों का दखल भी अवैध माना जाएगा।

स्थानीय स्तर पर अब तक वन विभाग, नगर पंचायत, सिंचाई विभाग समेत कई विभाग समय-समय पर इस भूमि को लेकर अपना-अपना दावा करते रहे हैं। इसी बीच वर्षों में बड़े पैमाने पर रिहंद कॉलोनी व आसपास के क्षेत्रों में हजारों लोगों ने मकान बनवा लिए हैं और स्थायी रूप से रहन-सहन कर रहे हैं। निगम द्वारा हाल ही में कॉलोनी एवं संबंधित भूमि पर स्वामित्व दर्शाते हुए बोर्ड लगाए जाने के बाद पूरे पिपरी नगर में हड़कंप की स्थिति है।

लोग आशंकित हैं कि अब आगे उनकी बसी-बसाई रिहाइश और मकानों का क्या भविष्य होगा। परियोजना प्रमुख, रिहंद एवं ओबरा परियोजना ने स्पष्ट किया कि परियोजना क्षेत्र की सुरक्षा, संपत्ति की वैधता और नियंत्रण सुनिश्चित करना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी तरह का अनधिकृत हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम ने नागरिकों और स्थानीय संस्थाओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार का नया निर्माण, कब्जा, विभागीय कार्य या अन्य गतिविधि शुरू करने से पूर्व भूमि की स्वामित्व स्थिति की स्पष्ट जानकारी कर लें, अन्यथा संबंधित व्यक्तियों एवं पक्षों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

इस संबंध में जब निगम के अधीक्षण अभियंता सुरेश चंद्र बुनकर से बात की गई तो उन्होंने इस मामले में किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया उन्होंने कहा कि यह विभाग का काम है और विभाग अपना काम कर रहा है इसलिए वह इसमें किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं करेंगे।
