बस्ती। 6 फरवरी फ्यूचर न्यूज़
जनपद बस्ती में महर्षि वशिष्ठ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक अवसर पर 09 फरवरी से 26 फरवरी तक विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इस महोत्सव को लेकर पूरे जिले में उत्साह और उल्लास का माहौल है। सोमवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में जगतगुरु स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी महाराज के दीक्षित शिष्य एवं कार्यक्रम संयोजक राना दिनेश प्रताप सिंह ने विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 09 फरवरी को दोपहर 12 बजे कथा स्थल के भूमि पूजन के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर अयोध्या धाम के महापौर एवं तीन कलश मंदिर के महंत पूज्य गिरिजेश पति त्रिपाठी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। 11 फरवरी को गुरु तीर्थ वशिष्ठ धाम से अयोध्या तक भव्य आमंत्रण रथ यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
राना दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि 16 फरवरी से अयोध्या के आचार्य रघुनाथ दास शास्त्री, वृंदावन के आचार्य नीरज पराशर एवं ज्योतिषाचार्य प्रभाकर मिश्र सहित 11 विद्वान आचार्यों द्वारा विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा की अधिवास पूजा प्रारंभ की जाएगी। 20 फरवरी को वशिष्ठ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का मुख्य आयोजन होगा, जिसमें हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे।
इस ऐतिहासिक आयोजन के अंतर्गत 18 फरवरी से 26 फरवरी तक तुलसी पीठाधीश्वर जगतगुरु स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी महाराज द्वारा विश्व में पहली बार वशिष्ठ रामायण कथा का वाचन किया जाएगा। प्रतिदिन सायं 06 बजे से प्रसिद्ध गायक एवं गायिकाओं द्वारा राम और राष्ट्र पर आधारित भजन प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण बनेगा।
कार्यक्रम संयोजक ने बताया कि कथा के मुख्य यजमान एवं देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति चंद्र भूषण मिश्र द्वारा महर्षि वशिष्ठ, माता अरुंधति, भगवान श्रीराम और चारों भाइयों की विग्रह प्रतिमाएं जयपुर से बनवाई गई हैं, जिन्हें 10 फरवरी तक वशिष्ठ आश्रम लाया जाएगा। इन विग्रहों की स्थापना के साथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन सम्पन्न होगा।
उन्होंने कहा कि यह महोत्सव बस्ती जनपद के गौरवशाली इतिहास की पुनर्प्रतिष्ठा का महापर्व है। त्रेता युग में जिले के मखौड़ा धाम में पुत्रेष्टि यज्ञ के उपरांत भगवान श्रीराम का अवतरण हुआ और महर्षि वशिष्ठ के गुरुकुल में भगवान राम सहित चारों भाइयों ने 12 वर्षों तक शिक्षा प्राप्त की। राम जानकी मार्ग, हनुमान बाग चकोही और जीवनदायिनी राम रेखा नदी जैसे धार्मिक स्थल भी इसी जनपद की पहचान हैं।
राना दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि योगिराज देवरहा बाबा, आचार्य रामचंद्र शुक्ल, संत कबीर और भगवान बुद्ध की तपोभूमि तथा वीर योद्धाओं की जन्मस्थली होने के बावजूद बस्ती की पहचान आज भी अयोध्या और गोरखपुर के बीच बतानी पड़ती है। यह महोत्सव बस्ती की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि इस दिव्य और भव्य आयोजन में शामिल होकर महर्षि वशिष्ठ और प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा व्यक्त करें और अपनी माटी के गौरव की सुगंध पूरी दुनिया में फैलाएं।
