बस्ती – 9 फरवरी फ्यूचर न्यूज़
बस्ती जिले से पांच दिन पहले रहस्यमय ढंग से लापता हुए दरोगा अजय गौड़ का शव मिलने के बाद मृतक दरोगा के भाई और एडीएम झांसी अरुण कुमार गौड़ ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एसपी और डीआईजी पर गंभीर आरोप लगाते हुए एडीएम खुद धरने पर बैठ गए हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन लगातार उन्हें मनाने की कवायद में जुटा हुआ है।
खोजबीन में ढिलाई बरती गई:
एडीएम का आरोप है कि उनके भाई की खोजबीन में ढिलाई बरती गई। शव मिलने के बाद भी एसपी व डीआईजी अपने मृत दरोगा को देखने तक नहीं आए। उन्होंने कहा कि उनके भाई ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उनकी हत्या हुई है। इस मामले में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी, लेकिन नहीं हुई।
दरोगा का शव अयोध्या से बरामद:
आपको बता दें कि परशुरामपुर थाने में तैनात दरोगा अजय गौड़ 5 फरवरी को अचानक लापता हो गए थे। काफी खोजबीन के बाद रविवार को उनका शव अयोध्या कोतवाली अंतर्गत सरयू नदी के पास से बरामद हुआ, जबकि उनकी कार अमहट घाट कुआनो नदी के किनारे खड़ी मिली। गाड़ी के अंदर से कुछ सामान भी बरामद हुआ था। जांच के दौरान पुलिस को बस्ती मुख्यालय के कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिनमें दरोगा की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
सरयू नदी तक कैसे पहुंचे:
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि दरोगा मुख्यालय तक सुरक्षित थे और गाड़ी कुआनो नदी के किनारे मिली, तो वे अयोध्या की सरयू नदी तक कैसे पहुँचे? क्या उन्हें वहां ले जाया गया या वे स्वयं वहां तक गएयह जांच का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत पानी में डूबने से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। मृतक दरोगा के परिजनों का कहना है कि अजय गौड़ जैसे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के साथ अनहोनी हुई है। गायब होने से लेकर शव मिलने तक की कड़ियाँ आपस में नहीं मिल रही हैं।
पुलिस महकमे के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती है कि आखिर दरोगा की जान किन परिस्थितियों में गई।
एसपी यशवीर सिंह ने बताया कि दरोगा अजय गौड़ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से सभी कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
